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धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के साथ मानव कल्याण में भी अखाड़ों की अहम भूमिका-आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी

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Apr 5, 2026

संत महापुरूषों के सानिध्य में किया गया आह्वान अखाड़े के गणेश भवन का उद्घाटन
धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के साथ मानव कल्याण में भी अखाड़ों की अहम भूमिका-आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी
हरिद्वार, 5 अप्रैल। भूपतवाला स्थित श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़े के नवनिर्मित गणेश भवन का उद्घाटन संत महापुरूषों के सानिध्य में किया गया। अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी महाराज, अखाड़े के पंचपरमेश्वर व अन्य संतों ने विधि विधान से हवन यज्ञ करने के उपरांत भवन का उद्घाटन किया।
भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी महाराज ने कहा कि हजारों वर्ष पूर्व आदि गुरु शंकराचार्य महाराज ने धर्म रक्षा के लिए अखाड़ों का गठन किया था। पूज्य शंकराचार्य महाराज द्वारा सौंपे गए दायित्व को निभाते हुए अखाड़े सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के साथ मानव कल्याण में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन होना है। जूना अखाड़े के सहयोग से निर्मित गणेश भवन में कुंभ मेले में आने वाले संतों और श्रद्धालुओं को आश्रय मिलेगा। आह्वान अखाड़े के महामंत्री श्रीमहंत सत्यगिरी महाराज ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गणेश भवन सेवा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनेगा। भवन में ठहरने वाले श्रद्धालुओं को संतों के सानिध्य में धार्मिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन की प्राप्ति होगी। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज एवं निर्मल अखाड़े के पूर्व सचिव महंत बलवंत सिह ने कहा कि धर्म संस्कृति के संरक्षण के साथ समाज को सांस्कृतिक रूप से एकजुट करने में भी संत समाज की प्रमुख भूमिका है। हरिद्वार प्रमुख तीर्थ है। रोजाना हजारों श्रद्धालु हरिद्वार आते हैं। आवाहन अखाड़े द्वारा निर्मित गणेश भवन में संतों और श्रद्धालुओं को आश्रय मिलेगा। जिससे धर्म संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री महाराज ने कहा कि परोपकार के लिए जीवन अर्पित करने वाले संतों का अपना कुछ नहीं होता। संत समाज के सहयोग से जो भी निर्माण करते हैं। उसे समाज को ही अर्पित कर देते हैं। गणेश भवन का निर्माण कर आवाहन अखाड़े ने सराहनीय कार्य किया है। अगली पीढ़ी का दायित्व है कि इस निर्माण का धरोहर के रूप में संरक्षण करें। श्रीमहंत भारद्वाज गिरी, श्रीमहंत प्रयाग भारती, श्रीमहंत हरिहर पुरी, श्रीमहंत नरेश गिरी, श्रीमहंत जय भारती, श्रीमहंत अक्षय गिरी, श्रीमहंत अनिल पुरी ने सभी संत महापुरूषों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद गिरी, श्रीमहंत महेश पुरी, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत रघुवीर दास, महंत केदार पुरी, किन्नर भवानी मां, महंत विजय गिरी, महंत मोहन सिंह, महंत निर्भय सिंह, संत बलवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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