• Fri. Jan 16th, 2026

Star uk news

अपना उत्तराखंड

समारोह पूर्वक मनाया गया निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी का सन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस

Bystaruknews

Jan 1, 2026

समारोह पूर्वक मनाया गया निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी का सन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस
विद्वान संत हैं स्वामी कैलाशानंद गिरी-शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम
सनातन धर्म की पताका फहराने मंे स्वामी कैलाशानंद गिरी की मुख्य भूमिका-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं-स्वामी कैलाशानंद गिरी
हरिद्वार, 1 जनवरी। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज का पांचवा सन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस समारोह पूर्वक मनाया। जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज की अध्यक्षता में श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित भव्य समारोह में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी, आचार्य लोकेश मुनि, स्वामी चिदानंद सरस्वती, स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी सहित तमाम प्रमुख संत और राजनीति, समाजसेवा, प्रशासनिक सेवाओं तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज को बधाई और शुभकामनाएं दी।
स्वामी कैलाशानंद गिरी को सन्यास दीक्षा और अवतरण दिवस की बधाई देते हुए जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज विद्वान संत हैं। सनातन धर्म संस्कृति के देश दुनिया में प्रचार प्रसार में अहम योगदान कर रहे हैं। उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी है।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय सनातन का समय है। संत महापुरूषों के सानिध्य में सनातन धर्म की पताका पूरे विश्व में फहरा रही है। जिसमें निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार के साथ श्रद्धालु भक्तों को धर्म और अध्यात्म का ज्ञान प्रदान कर कल्याण के मार्ग पर अग्रसर करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी एवं आनंद पीठाधीश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने भी स्वामी कैलाशानंद गिरी को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि योग्य शिष्य ही गुरू की कीर्ति को आगे बढ़ाते हैं। उन्हांेने कहा कि स्वामी कैलाशानंद गिरी का जप तप पूरी दुनिया के लिए अदभूत चमत्कार से कम नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने स्वामी कैलाशानंद गिरी को बधाई देते हुए कहा कि संत महापुरूषों के सानिध्य में कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने संत महापुरूषों से आशीर्वाद भी लिया।
समस्त संतों व अतिथीयों का आभार व्यक्त करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि गुरू ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं। वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरू के रूप में जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। पूज्य गुरू के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं को आगे बढ़ाने के साथ समाज को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करना ही उनके जीवन का लक्ष्य है।
स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी एवं पूर्व विधायक संगीत सोम ने फूलमाला पहनाकर सभी संतांे और अतिथीयों का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन आचार्य पवनदत्त मिश्र ने किया।
इस अवसर पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, स्वामी लोकेश मुनि, स्वामी अनंतानंद, अमेरिका से आए महामंडेश्वर स्वामी वेदव्यासानंद, स्वामी गर्व गिरी, महंत रामरतन गिरी, महंत राजगिरी, स्वामी चिदविलासानंद, यूपी के मंत्री अनिल सिंह, कपिल देव अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग व देश विदेश से आए हजारों श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Sory