• Thu. Apr 30th, 2026

Star uk news

अपना उत्तराखंड

राज्यपाल ले.ज.(से.नि.)गुरुमीत सिंह ने लोक भवन में आयोजित तीन दिवसीय बंसतोत्सव 2026 में उत्कृष्ट संचालन एवं संयोजन के लिये ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रो. डॉ. नरेश चौधरी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया

Bystaruknews

Mar 3, 2026

उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज.(से.नि.)गुरुमीत सिंह ने लोक भवन में आयोजित तीन दिवसीय बंसतोत्सव 2026 में उत्कृष्ट संचालन एवं संयोजन के लिये ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रो. डॉ. नरेश चौधरी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिसमें लाखों दर्शकों ने पुष्प प्रदर्शनी एवं विभिन्न स्थानीय उत्पादों के स्टालों का भ्रमण कर नजदीकी से लोकभवन देखने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ। उक्त आयोजन में प्रदर्शनी के अतिरिक्त विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ जिसमें प्रतिभाग करने वाले विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। बसंतोत्सव 2026 के उत्कृष्ट संचालन एवं संयोजन के लिए ऋषिकुल आयुर्वेद महाविद्यालय के शरीर रचना विभागाध्यक्ष मेम्बर नेशनल मैनेजिग बॉडी इंडियन रेडक्रास (महामहिम राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली 12 सदस्यीय सर्वोच्च इंडियन रेडक्रास बाडी) प्रो. डॉ. नरेश चौधरी को उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज.(सेनि.) गुरुमीत सिंह ने विशेष रूप से प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। राज्यपाल गुरुमीत सिंह ने डॉ. नरेश चौधरी को सम्मानित करते हुए कहा कि अपने मूल दायित्वों का निर्वहन प्रत्येक व्यक्ति करता है परन्तु जो व्यक्ति अपने मूल कार्यों के साथ-साथ अन्य सामाजिक समर्पित सेवा करता है वह विशेष रूप से सम्मान की श्रेणी में आता है। डॉ. नरेश चौधरी की समर्पित सेवा इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इस प्रकार समय-समय पर सम्मान प्राप्त करने वाले व्यक्ति को विशेष रूप से जो प्रोत्साहन मिलता है जिससे वह और अधिक समर्पण से कार्य करने के लिए प्रेरित होकर सामाजिक समर्पित सेवा देने के लिए अग्रसर रहता है। बसंतोत्सव 2026 के समापन समारोह में उपस्थित उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर ने भी डॉ. नरेश चौधरी को विशेष सम्मान के लिए बधाई दी। उत्तराखण्ड के उद्यान एवं कृषि सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय ने डॉ. नरेश चौधरी द्वारा विभाग को दिये गये उत्कृष्ट एवं सराहनीय सहयोग के लिए विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि डॉ. नरेश चौधरी को जब भी कोई दायित्व अन्य विभागों द्वारा दिया जाता हो तो उसे वह सहर्ष स्वीकार करते हुए अपनी कर्मठ कार्यशैली के अनुरूप समर्पित भावना से उत्कृष्ट रूप से पूर्ण करते हैं। उद्यान विभाग के निदेशक एस.एल. सेमवाल ने भी डॉ. नरेश चौधरी को विशेष धन्यवाद देते हुए विभाग की और आभार व्यक्त किया। डॉ. नरेश चौधरी को सम्मानित किये जाने पर राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, सांस्कृतिक सचिव जुगल किशोर पंत, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, निदेशक बागवानी महेन्द्र पाल, अपर निदेशक रतन कुमार, संयुक्त निदेशक सुरेश राम, उप निदेशक नरेन्द्र यादव, उद्यान विभाग से अरुण पाण्डेय, दीपक पुरोहित, योगेश भट्ट, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, कुल सचिव नरेन्द्र सिंह कुरियाल, परिसर निदेशक प्रो. अनूप गक्कड ने भी विशेष रूप से बधाई दी। डॉ. नरेश चौधरी ने सम्मानित होने पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं उद्यान विभाग का विशेष रूप से आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुझे इस प्रकार के सम्मानो से जो समय-समय पर जो प्रोत्साहन प्राप्त होता है वह ही मेरे जीवन की अतुल्नीय अमूल्य पूँजी है जो मुझे और अधिक ऊर्जा एवं समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरणा दायक है तथा सम्मान प्राप्त होने पर जो मुझे शुभचिंतको की लगातार शुभकामनाएं मिलती हैं वह मेरे लिए कभी नहीं थकने वाली हमेशा शक्ति प्रदान करती रहती है।

यज्ञ के प्रभाव से दूर होती है नकारात्मकता-स्वामी माधवाचार्ययज्ञ के प्रभाव से विश्व शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा-स्वामी अयोध्याचार्य
महिलाओं को आरक्षण देने की पक्षधर है कांग्रेस-हरनीत कौर बरार
हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी समारोहआर्थिक उदारीकरण बनाम बाजारीकरण के दौर में मीडिया की भूमिका पर गहन चर्चासंघर्ष, समर्पण और जनसेवा की मिसाल है हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा-डा.रमेश पोखरियाल निशंकजनहितकारी पत्रकारिता को आगे बढ़ाएं पत्रकार-आचार्य बालकृष्णडिजिटल मीडिया के आने से बदला पत्रकारिता का परिदृश्य-प्रियंका शर्मापत्रकारों को बदलते समय के साथ खुद को ढालना होगा-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Sory