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त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री

Bystaruknews

Jul 24, 2025

त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री



संत समाज के प्रेरणास्रोत और दिव्य आत्मा थे ब्रह्मलीन स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री-आचार्य बालकृष्ण


हरिद्वार, 24 जुलाई। श्री साधु गरीबदासी धर्मशाला सेवाश्रम ट्रस्ट के ब्रह्मलीन परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर डा.स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री महाराज की छठी पुण्य तिथी पर सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों ने उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। महामंडलेश्वर स्वामी परमात्म देव की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर डा.स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री महाराज सनातन धर्म एवं शास्त्र परंपरा के अग्रणी विद्वान थे। उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। स्वामी हरिहरानंद, स्वामी रविदेव शास्त्री और स्वामी दिनेश दास अपने गुरू ब्रह्मलीन गुरूदेव की सेवा परंपरा को जिस प्रकार आगे बढ़ा रहे हैं। वह सभी के लिए अनुकरणीय है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण शास्त्री ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री महाराज संत समाज के प्रेरणास्रोत और दिव्य आत्मा थे। सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। विधायक मदन कौशिक एवं मेयर किरण जैसल ने कहा कि ब्रहमलीन स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री उदारवादी सहृदय संत थे। महामंडलेश्वर परमात्म देव महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री महाराज ने सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार और समाज को अध्यात्म से जोड़ने में अहम भूमिका निभायी। स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद एवं स्वामी दिनेश दास ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूज्य गुरूदेव के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपरा का विस्तार करना ही उनके जीवन का लक्ष्य है। स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी शिवम महंत, महंत कपिल मुनि, स्वामी निर्मलदास ने फूलमाला पहनाकर सभी संत महापुरूषों का स्वागत किया। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी, महंत जसविंदर सिह, महंत सूर्यमोहन गिरी, साध्वी शरण ज्योति मां, साध्वी जीवन ज्योति मां, साध्वी पूजा ज्योति मां, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, स्वामी भगवत स्वरूप, स्वामी प्रेमानंद, स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, महंत विष्णुदास, महंत रघुवीर दास, महंत नारायण दास पटवारी, बाबा हठयोगी, स्वामी विजय महाराज, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी योगेंद्रानंद, आईडी शर्मा, समाजसेवी जगदीशलाल पाहवा, डा.संजय वर्मा, डा.विष्णुदत्त राकेश, कृष्णा देवी व हरमेश चड्ढा तथा सभी ट्रस्टियों और संत महापुरूषों ने ब्रहमलीन स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री को नमन किया। कार्यक्रम का संचालन पदम प्रसाद सुवेदी ने किया।

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