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भाकियू अंबावता का तीन दिवसीय अधिवेशन संपन्नप्रधानमंत्री को भेजा छह सूत्रीय ज्ञापनसत्ता परिवर्तन के लिए तैयार हैं किसान-चैधरी ऋषिपाल अंबावता

Bystaruknews

Jun 12, 2023

भाकियू अंबावता का तीन दिवसीय अधिवेशन संपन्न
प्रधानमंत्री को भेजा छह सूत्रीय ज्ञापन
सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार हैं किसान-चैधरी ऋषिपाल अंबावता


हरिद्वार, 12 जून। अलकनंदा घाट पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर के तीसरे तीन यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। 6 सूत्रीय ज्ञापन में सरकार से कर्ज माफी, एमएसपी, गन्ना मूल्य, शुगर मिलों पर बकाया भुगतान के साथ हरिद्वार में अवैध खनन पर रोक और शराब की दुकानों को शहर की सीमा से पांच किलोमीटर दूर करने की मांगें शामिल हैं। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में प्रभारी तहसीलदार मधुकर जैन ने अधिवेशन स्थल पर पहुंचकर किसानों से ज्ञापन लिया।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए भाकियू अंबावता के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि किसान अब जागरूक हो चुका है और किसी के बहकावे में आना वाला नहीं है। सरकार की उपेक्षा से आहत किसान 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन करने के लिए तैयार हैं। चैधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और आम जनता की उम्मीदों को पूरा करने में नाकाम रही है। दिल्ली में चले किसान आंदोलन के दौरान 800 किसान शहीद हो गए। आंदोलन समाप्त कराने के लिए सरकार और किसानों के बीच हुई वार्ता में सरकार ने किसानों से एमएसपी पर गारंटी देने का वादा किया। लेकिन वादे को पूरा नहीं किया गया। जिसे लेकर पूरे देश के किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह, किसान नेता स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत, पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह भाकियू अंबावता के आदर्श हैं। जिनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए यूनियन लगातार किसानों के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है। राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया ने कहा कि किसान देश की ताकत हैं। किसान आर्थिक रूप से समृद्ध होगा तो देश प्रगति करेगा। लेकिन सरकार की नीतियों के चलते किसान लगातार आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों को किसान समझ चुके हैं और 2024 में होने वाले सत्ता परिवर्तन करने में किसानों की मुख्य भूमिका होगी। चैघरी जोगेंद्र सिंह अंबावता एवं प्रवीण अंबावता ने कहा कि अधिवेशन में चर्चा के बाद तय रणनीति के अनुसार किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिवेशन में पूरे देश से आए किसान राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी ऋषिपाल अंबावता के संदेश का प्रचार प्रसार करेंगे और दो अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित महापंचायत में निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री अवतार सिंह भड़ाना, राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया, चैधरी धीरसिंह चंदेला, दिलबाग सिंह, लक्ष्मी सिंह चैधरी, शाह आलम, चैधरी विकास, चैधरी अजय सिंह अंबावता, ओमकार भाटी, राष्ट्रीय प्रवक्ता असीम गाजी, भाकियू अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष भोपाल चैधरी, एडवोकेट फरमान त्यागी, रश्मि चैधरी, सुभाष नंबरदार, प्रवीण अंबावता, जोागेंद्र चैधरी, सागर सिंह, सुभाष नम्बरदार, योगेश कुमार सिंह, विकास प्रधान, दिलबाग हुड्डा, बलदेव सिंह, अनिल चैधरी, मौहम्मद शाह आलम, रामपाल सिंह, सुरेंद्र कसाना सहित देश भर से आए किसान मौजूद रहे।
शिविर के अंतिम दिन विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों से विचार विमर्श के उपरांत संगठन में फेरबदल करते हुए चैधरी ऋषिपाल अंबावता ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव को पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, राकेश मिश्रा को मंडल अध्यक्ष फैजाबाद, श्रीराम कोरी को जिला अध्यक्ष अमेठी, वीर बहादुर गौतम को जिला अध्यक्ष सुल्तानपुर, रफीक खान को जिला अध्यक्ष मुरादाबाद, केवल बहादुर सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया। इसके अलावा अनुशासनहीनता के चलते शाहजहांपुर जिलाध्यक्ष अशोक शुक्ला एवं महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष तारावती को पद से बर्खास्त कर दिया।

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