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त्याग और तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज-स्वामी कपिल मुनि

Bystaruknews

Jun 5, 2023

त्याग और तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज-स्वामी कपिल मुनि
हरिद्वार, 5 जून। ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी असंगानंद महाराज की 51वीं पुण्यतिथी पर कनखल स्थित श्री हरेराम आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों ने उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्री हरेराम आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि महाराज ने ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि निर्मल जल के समान जीवन व्यतीत करने वाले पूज्य गुरूदेव ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज त्याग और तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। समाज को ज्ञान की प्रेरणा देकर अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करने और सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरू के रूप में ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। पूज्य गुरूदेव के दिखाए मार्ग और उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपरांओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि भक्तों को ज्ञान की प्रेरणा देकर उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने वाले ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज संत समाज के प्रेरणास्रोत थे। सभी को उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए मानव कल्याण में योगदान करना चाहिए। श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज का आदर्शपूर्ण जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी है। स्वामी कपिल मुनि महाराज को उनके गुरूदेव ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज के दिखाए मार्ग पर चलते हुए मानव कल्याण में योगदान करते देखना अति सुखद है। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने कहा कि अपना संपूर्ण जीवन परमार्थ के लिए समर्पित करने वाले ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज महान संत थे। महंत जसविंदर सिंह, कारोबारी महंत गोविंददास व महंत जयेंद्र मुनि ने ब्रह्मलीन स्वामी असंगानंद महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि महाराज जिस प्रकार अपने गुरूदेव के अधूरे कार्यो को पूरा कर रहे हैं। उससे युवा संतों को प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन महंत शिवानंद महाराज ने किया। स्वामी केशव मुनि, स्वामी कृष्ण मुनि, हिंदू रक्षा सेना महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनिता सिंह ने फूलमाला पहनाकर सभी संत महापुरूषों का स्वागत किया। इस अवसर पर महंत कौशल पुरी, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी विवेकानंद, महंत प्रेमदास, महंत दामोदर शरण दास, महंत रघुमुनि, स्वामी प्रबोधानंद गिरी, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी सागर मुनि, महंत जयेंद्र मुनि, महंत गोविंददास, महंत रूपेंद्र प्रकाश, महंत ज्ञानानंद, महंत श्यामप्रकाश, साध्वी प्रभामुनि, साध्वी श्रद्धानाथ, महंत शिवम गिरी सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूष और श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।

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