बकरीद के बाद लाल हुआ नाला, संत हुए नाराज, पुलिस ने खुले में पशु काट रहे व्यक्ति को किया गिरफ्तार।
हरिद्वार में बकरीद के बाद ज्वालापुर का कस्साबान नाला लाल दिखाई दिया। मानसून के इस मौसम में कस्साबान नाले की सारी गंदगी गंगनहर में जाती है। बकरीद के अगले दिन कस्साबान नाले में खून और कुर्बानी के अवशेष देखकर गंगा प्रेमियों और संतों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है।

लाल नाले के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन की भद्द पिट रही है। जिला प्रशासन और पुलिस की रोक के बावजूद यह लापरवाही हुई है। दरअसल हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने मुस्लिम समाज से कुर्बानी को लेकर अपील की थी कि कुर्बानी के बाद अवशेषों को पहले से निर्धारित गड्ढों में नष्ट किया जाए… बावजूद इसके नालों में यह बहते नजर आए। बकरीद के बाद सोमवार को खुले में पशु कटान कर रहे एक व्यक्ति को ज्वालापुर पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। उधर मानसून के इस मौसम में कस्साबन समेत सभी नालों का पानी सीधा गंगनहर में जाता है जिससे ऐसी तस्वीरों को लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे है। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद निरंजनी पीठाधीश्वर कैलाशानंद ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए इसपर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार हमारी बलि प्रथा पर रोक लगाई गई है उसी प्रकार सरकारों को विधिक राय लेते हुए कुर्बानी पर भी रोक लगानी चाहिए। वहीं हरकत में आई ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने यहां के कस्साबान इलाके से सलमान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बकरीद के अगले दिन यह व्यक्ति यहां पर पशु कटान में लिप्त था और अवशेषों को खुलेआम फेंक रहा था। गंगनहर में गिरने वाले कस्साबान नाले का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।


