संतों के सानिध्य में ज्ञान प्राप्ति का अवसर सौभाग्य से प्राप्त होता है-स्वामी हरिचेतनानंद
श्रीमद् भागवत कथा में निहित है सभी समस्याओं का समाधान-महंत दामोदर शरण
हरिद्वार, 8 जून। कनखल स्थित महर्षि ब्रह्महरि उदासीन आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के समापन पर संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वामी दामोदर शरण महाराज के संयोजन में आयोजित संत सम्मेलन के दौरान श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि हरिद्वार की पुण्य भूमि और गंगा तट पर संतों के सानिध्य में ज्ञान प्राप्ति का अवसर सौभाग्य से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भक्तों के कल्याण के लिए प्रतिवर्ष श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन करने के लिए महंत दामोदर शरण महाराज बधाई के पात्र हैं। स्वामी भगवत स्वरूप महाराज ने कहा कि समाज को सांस्कृतिक रूप से एकजुट कर देश की एकता अखंडता बनाए रखने मे संतों का हमेशा ही अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन ऋषि परंपरा के अनुसरण से ही समाज को प्रगति के मार्ग पर अग्रसर किया जा सकता है। सभी संत महापुरूषों और अतिथीयों का आभार व्यक्त करते हुए महंत दामोदर शरण महाराज ने कहा कि परम् कल्याणकारी श्रीमद् भागवत कथा में जीवन की सभी समस्याओं का समाधान निहित है। श्रद्धालु भक्त कथा से से मिले ज्ञान को आचरण में धारण कर स्वयं का कल्याण करें। महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती ने कहा कि महंत दामोदर शरण महाराज भक्तों को धर्म और अध्यात्म का ज्ञान प्रदान करने के साथ सनातन के प्रचार प्रसार में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। संत सम्मेलन का संचालन स्वामी हरिहरानंद महाराज ने किया। कथाव्यास स्वामी रविदेव शास्त्री ने भी भक्तों को संबोधित किया। इस अवसर पर महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी, महंत रामनोमी दास, स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी कपिल मुनि, स्वामी भगवत स्वरूप, महंत गोविंद दास, महंत जयेंद्र मुनि, बाबा हठयोगी, महंत प्रेमदास, महंत हनुमान दास, महंत राघवेंद्र दास, आईडी शर्मा सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूष और श्रद्धालु मौजूद रहे।
