
कोठारी महंत निरंजन दास महाराज हुए ब्रह्मली
दिव्य संत थे ब्रह्मलीन महंत निरंजन दास-

हरिद्वार, 30 जनवरी। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन की बादशाहपुर शाखा के कोठारी महंत निरंजन दास महाराज बृहष्पतिवार की रात ब्रह्मलीन हो गए। शुक्रवार को समस्त 13 अखाड़ों के संत महापुरूषों और गणमान्यांे लोगांे की मौजूदगी में कनखल शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। महंत मुरारी दास महाराज ने ब्रह्मलीन महंत निरंजन दास महाराज को मुखाग्नि दी।
ब्रह्मलीन महंत निरंजन दास महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत निरंजन दास महाराज दिव्य संत थे। धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के मुखिया महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत निरंजन दास महाराज ने अखाड़े की उन्नति और समाज में धर्म प्रचार में अतुलनीय योगदान दिया। सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए मानव कल्याण में योगदान करने का संकल्प लेना चाहिए। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी एवं महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत निरंजन दास महाराज के विचार और उनकी शिक्षाएं सदैव समाज को प्रेरणा देती रहेंगी। श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत राघवेंद्र दास, महंत गोविंद दास, महंत जयेंद्र मुनि, महंत सूर्यांश मुनि, महंत हनुमान दास, महंत प्रेमदास, महंत राजपुरी, महंत अरूण दास, स्वामी कपिल मुनि, महंत रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी संतोषानंद, महंत विष्णु दास, महंत रघुवीर दास, महंत बिहारी शरण, महंत सूरज दास, महंत बलवंत सिंह, स्वामी नागेंद्र महाराज, स्वामी आदि योगी पुरी, महंत गंगादास, महंत सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी अनंतानंद, स्वामी चिदविलासानंद, स्वामी ऋषिश्वरानंद, बाबा हठयोगी, महंत निर्भय सिंह ने भी ब्रह्मलीन महंत निरंजन दास महाराज को श्रद्धांजलि दी और उन्हें महान संत बताया।
