• Tue. Oct 20th, 2026

Star uk news

अपना उत्तराखंड

अत्यन्त करूणामयी हैं मां भगवती-स्वामी कैलाशानंद गिरी

Bystaruknews

Sep 29, 2025

अत्यन्त करूणामयी हैं मां भगवती-स्वामी कैलाशानंद गिरी
हरिद्वार, 29 सितम्बर। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि देवी भगवती समस्त जगत का उद्धार करती हैं। श्री दक्षिण काली मंदिर में नवरात्र साधना के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि देवी भगवती अत्यन्त करूणामयी हैं और उनकी शक्ति इस संसार में अपरंपार है। नवरात्रों में सभी को नौ दिनों तक पूर्ण विधि विधान से देवी दुर्गा की आराधना और पूजन अवश्य करना चाहिए। नवरात्र आराधना से प्रसन्न होकर देवी भगवती अपने भक्तों का कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि श्री दक्षिण काली मंदिर में साक्षात विराजमान मां दक्षिण काली के दर्शन और पूजन करने से सभी संकट दूर होते हैं। सभी मनोकामनाएं और मनोरथ पूरे होते हैं और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि पूज्य गुरूदेव स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज द्वारा लोक कल्याण के लिए रात्रि 12 बजे से सवेरे ब्रह्म मुर्हत तक अनवरत रूप से नवरात्र साधना की जाती है। नवरात्र में निरंतर चलने वाली साधना के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से मंगाए गए विभिन्न प्रकार के पुष्पों से प्रतिदिन मां भगवती का दिव्य श्रंग्रार किया जाता है। इस अवसर पर स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, बालमुकुंदानंद ब्रह्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

चाणक्य शाखा, हरिद्वार क्षेत्र का भव्य पथ संचलन संपन्न
उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज.(से.नि.) गुरमीत सिंह ने इंडियन रेडक्रास की महामहिम राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च राष्ट्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य एवं इंडियन रेडक्रास उत्तराखण्ड के चेयरमेन प्रोफेसर (डॉ.) नरेश चौधरी के समर्पित एवं उत्कृष्ट कार्यों की विशेष रूप से सराहना की’’उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज.(से.नि.) गुरमीत सिंह ने महामहिम राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च राष्ट्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य एवं इंडियन रेडक्रास उत्तराखण्ड के चेयरमेन प्रोफेसर(डॉ.) नरेश चौधरी के समर्पित एवं उत्कृष्ट कार्यों की विशेष रूप से सराहना की
झूठा श्रेय लेने वाली कांग्रेस की विधायक का विकास से नहीं कोई वास्ता: स्वामी यतीश्वरानंद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Sory