
लोहा पुल की स्वीकृति लालढांग की जनता के लंबे संघर्ष और एकजुटता की जीत है।

वर्ष 2022 में हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की जनता ने मुझे अपना आशीर्वाद देकर विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया। इसके बाद से ही मैंने विपक्ष में रहते हुए लोहा पुल निर्माण की मांग को पूरी मजबूती के साथ विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाया। समय-समय पर सरकार को इस गंभीर जनसमस्या से अवगत कराया और लगातार इस मांग को पूरा करने के लिए दबाव बनाया।
लालढांग क्षेत्र की जनता लंबे समय से लोहा पुल निर्माण की मांग को लेकर संघर्षरत थी। आयरन भट्ट की दुखद मृत्यु के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया। इस घटना ने पुल की आवश्यकता और क्षेत्रवासियों की परेशानियों को एक बार फिर उजागर किया। इसके बाद भी हमारा संघर्ष नहीं रुका। हम लगातार जनता के साथ खड़े रहे, आंदोलन किए और सरकार से लोहा पुल निर्माण की मांग करते रहे।
विधायक के रूप में मेरे निरंतर प्रयासों और क्षेत्रीय जनता के संघर्ष के परिणामस्वरूप आज लोहा पुल की स्वीकृति के रूप में सफलता सामने आई है।
मैं इस उपलब्धि का श्रेय लालढांग की समस्त जनता को देती हूँ। क्षेत्र के ग्रामीणों, युवाओं, बुजुर्गों, माताओं और बहनों ने जिस एकजुटता के साथ इस मांग को उठाया, वह सराहनीय है। जनता की इस मूलभूत आवश्यकता को राजनीतिक मोड़ देने के प्रयास भी हुए, लेकिन आज क्षेत्र की जनता के संघर्ष को सफलता मिली है।
मैं इस संघर्ष में भागीदारी निभाने वाले सभी क्षेत्रवासियों को हृदय से धन्यवाद देती हूँ।
लालढांग के विकास की यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आगे भी क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान, विकास कार्यों और जनता के अधिकारों के लिए मेरा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
जनता की आवाज ही मेरी ताकत है और जनता के हितों के लिए संघर्ष करना मेरा कर्तव्य है।
— अनुपमा रावत
विधायक, हरिद्वार ग्रामीण
