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स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज बने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वरसनातन के प्रखर प्रवक्ता हैं स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज-श्रीमहंत रविंद्रपुरी

Bystaruknews

Jul 21, 2025

स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज बने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वरसनातन के प्रखर प्रवक्ता हैं स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज-श्रीमहंत रविंद्रपुरी


संत परंपरांओं का पालन करते हुए अखाड़े की उन्नति में योगदान करेंगे


-स्वामी वेदमूर्ति पुरी


हरिद्वार, 21 अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता व अखाड़े के पंचपरमेश्वरों के सानिध्य में आयोजित पटटाभिषेक समारोह में बगलामुखी पीठाधीश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज को महामंडलेश्वर की पदवी प्रदान की गयी। चरण पादुका मंदिर में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महंत राजगिरी, महंत प्रकाश पुरी, महंत जगदीशानंद, सहित संत समाज ने तिलक चादर प्रदान कर स्वामी वेदमूर्ति पुरी का पटटाभिषेक कर उन्हें निंरजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर पद की उपाधि से विभूषित किया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि तप संत के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तप साधना, आत्मसंयम, और परमात्मा के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज विद्वान और तपस्वी संत हैं। सनातन धर्म के प्रखर प्रवक्ता के रूप मे टीवी चैनलों पर होने वाली डिबेट में सनातन का पक्ष प्रमुखता से प्रस्तुत करते हैं। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं का पालन करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज सनातन धर्म का पूरे विश्व में प्रचार प्रसार करेंगे। श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने महामंडलेश्वर वेदमूर्ति पुरी महाराज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज में ज्ञान और अध्यात्म का प्रचार करने के साथ युवा वर्ग में धर्म जागरण करें। जिससे युवा पीढ़ी संस्कारित होकर देश की प्रगति में योगदान करे। महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज ने कहा कि गुरू का जीवन में सर्वोच्च स्थान है। गुरू के बिना संत का जीवन अधूरा है। गुरू के बिना संत का जीवन शुरू ही नहीं होता है। वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरू के रूप में श्रीमहंत रविंद्रपुरी का सानिध्य प्राप्त हुआ है। जो जिम्मेदारी उन्हें दी गयी है कि उसका निष्ठापूर्वक पालन करते हुए अखाड़ा और संत परंपरांओं के अनुरूप पालन करेंगे और अखाड़े की उन्नति में योगदान करेंगे। इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक, कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, भोला शर्मा सहित कई संत व श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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