• Wed. Nov 4th, 2026

Star uk news

अपना उत्तराखंड

सशस्त्र प्रशिक्षण केन्द्र हरिद्वार में पुलिस अधिकारियों /कर्मचारियों को कुंभ मेला हेतु इण्डियन रेडक्रास चेयरमेन उत्तराखण्ड डॉ. नरेश चौधरी ने सप्तम चरण कुंभ मेला प्रशिक्षण 2027 के अंतर्गत प्रशिक्षित किया

Bystaruknews

Sep 15, 2026

हरिद्वार 15 सितम्बर 2026।
सशस्त्र प्रशिक्षण केन्द्र हरिद्वार में पुलिस अधिकारियों /कर्मचारियों को कुंभ मेला हेतु इण्डियन रेडक्रास चेयरमेन उत्तराखण्ड डॉ. नरेश चौधरी ने सप्तम चरण कुंभ मेला प्रशिक्षण 2027 के अंतर्गत प्रशिक्षित किया
सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र हरिद्वार में कुंभ मेला प्रशिक्षण 2027 का छः दिवसीय सप्तम चरण के प्रशिक्षण के अंतर्गत इण्डियन रेडक्रास उत्तराखण्ड के चेयरमेन डॉ. नरेश चौधरी ने पुलिस प्रशिक्षु कार्मिकों को अपने कुंभ मेला, अर्द्धकुंभ मेला अनुभवों को साझा करते हुए प्रशिक्षण दिया। डॉ. नरेश चौधरी ने सभी प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को कुंभ मेला, अर्द्धकुंभ मेले का इतिहास, साधु-संतों, अखाड़ों की परम्पराओं, स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं/यात्रियों की मुख्य स्नान पर्वों पर विशेष भूमिका एवं विशेषकर भीड़ नियंत्रण पर जमीनी जानकारियां दी। डॉ. नरेश चौधरी ने पूर्व में हुए कुंभ/अर्द्धकुंभ पर हुई विशेष घटनाओं का प्रमाण सहित वर्णन किया तथा घटनाओं से एवं जांच आयोगों तथा जनमानस सुझावों से क्या-क्या कमियों को दूर किया गया जिससे पूर्व में हुई घटनाओं को रोका गया। डॉ. नरेश चौधरी ने प्रशिक्षणार्थियों को व्याख्यान देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड बनने के बाद मेला प्रशासन एवं जिला प्रशासन संसाधनों की दृष्टि से काफी परिपक्वा हुआ है और पूर्व में हुई घटनाओं का सबक लेकर आगामी कुंभ 2027 की तैयारियों में परस्पर सभी विभागों, संस्थाओं, साधु-संतों/अखाड़ों/स्थानीय नागरिकों से सामंजस्य बनाकर कार्य किये जा रहे हैं। डॉ. नरेश चौधरी ने लगभग 04 (चार) दशकों के सभी कुंभ मेला, अर्द्धकुंभ मेला, कांवड़ मेला, सोमवती स्नान पर्वों पर स्वंय द्वारा निवर्हन किये गये विभिन्न दायित्वों का अनुभवों से भी सभी प्रतिभागियों को रुबरू कराया। डॉ. नरेश चौधरी ने हरिद्वार कुंभ के साथ-साथ उज्जैन, नासिक एवं प्रयागराज कुंभ मेलों की घटनाओं, व्यवस्थाओं से भी प्रशिक्षणार्थियों को तुलनात्मक डाटा प्रस्तुत कर विशेष रूप से जानकारियां देते हुए कहा कि सबसे अधिक कुंभ /अर्द्धकुंभ समयावधि भी हरिद्वार की है जिससे उत्तराखण्ड को अधिक चुनौतियों में कार्य करने का गौरव एवं अनुभव प्राप्त है साथ ही साथ हरिद्वार में हर प्रत्येक वर्ष करोड़ों कांवड़ियों को भी सकुशल अपने-अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंचाने का भी विशेष चुनौती पूर्व अनुभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Sory