
कुलसचिव के साथ मारपीट करने वालों पर गैंगस्टर लगाने की उठाई मांग

— गुरुकुल कांगड़ी डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो सत्यदेव निगमालंकार के साथ हुई मारपीट प्रकरण में आर्य समाज ने उठाई मांग
— आर्य समाजियों के साथ विवि के स्टाफ ने कुलपति के बाद एसपी सिटी को सौंपा ज्ञापन
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो सत्यदेव निगमालंकार के साथ हुई मारपीट प्रकरण में आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड और विवि स्टाफ ने दोषियों पर गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। उन्होंने एसपी सिटी दीपक सिंह को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने और गैंगस्टर लगाने की मांग उठाई।
बुधवार को आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तराखंड के सदस्य और स्टाफ गुरुकुल कांगड़ी डीम्ड विश्वविद्यालय में एकत्रित हुए। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा मेहता लूथरा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग उठाई कि जिन कर्मचारियों ने कुलसचिव प्रो सत्यदेव निगमालंकार के साथ मारपीट की है, उन्हें बर्खास्त किया जाए, ताकि कोई अन्य कर्मचारी किसी भी स्टाफ के साथ अमानवीय व्यवहार न करें। इस दौरान विश्वविद्यालय में कनखल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह रावत और एसएसआई अनुज सिंह पहुंचे और पूरे प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद आर्य समाज के प्रतिनिधि और विश्वविद्यालय के स्टाफ एसपी सिटी कार्यालय पहुंचे, जहां एसपी सिटी दीपक सिंह को ज्ञापन सौंपकर कुलसचिव के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाते हुए गैंगस्टर की कार्रवाई की मांग उठाई। एसपी सिटी दीपक सिंह ने आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण में कोई बख्शा नहीं जाएगा।
आर्य समाज के स्वामी ओमानंद ने कहा कि कुलसचिव जैसे बड़े पद पर आसीन सीनियर प्रोफेसर के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर हालत में पहुंचाने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महान क्रांतिकारी श्रद्धेय स्वामी श्रद्धानंद की तपोस्थली है, जहां पर हुए इस प्रकरण से आर्य समाजियों के साथ हर वर्ग की भावना आहत हुई है।
पूर्व प्रधान हाकम सिंह आर्य ने कहा कि कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार की गंभीर स्थिति बनी हुई है, उन्हें न्याय नहीं मिला तो इसी महीने 13 तारीख को आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
स्वामी सुरेंद्रानंद, स्वामी अग्निवेश, आर्य वानप्रस्थ आश्रम के प्रधान प्रेम प्रकाश, योगधाम से स्वामी वेदानंद, विवेक आर्य, प्रधान मानपाल सिंह आर्य, मंत्री तेलूराम आर्य, कोषाध्यक्ष ब्रहम्पाल सिंह आर्य, पुरोहित बलवंत सिंह आर्य, राजेश आर्य, सतीष आर्य, महीपाल सिंह आर्य, विपिन, दीपक आर्य, दिनेश चौहान, भोपाल गिरि, जगपाल आर्य, मास्टर श्याम सिंह आर्य, धर्मेंद्र आर्य, ज्ञान सिंह आर्य, महक सिंह आर्य, तेलूराम कुंआखेडा, प्रो आनन्द स्वरूप आर्य, मास्टर जसवीर सिंह, लाल सिंह आर्य, डॉ नवनीत परमार के साथ विवि के भारी संख्या में स्टाफ मौजूद रहा।
