
संतों ने की यूजीसी बिल को वापस लेने की मांग
काले कानून को वापस ले सरकार-स्वामी वेदमूर्ति पुरी स्वामी नागेंद्र ब्रह्मचारी
हिंदू समाज को बांट रही राजनीति-स्वामी आदि योगी
हरिद्वार, 28 जनवरी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज विवाद ओर यूजीसी अधिसूचना को लेकर संतों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और यूजीसी बिल को समाज को बांटने वाला कदम बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति पुरी महाराज ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ब्राह्मणों और बटुकों पर अत्याचार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यूजीसी बिल को लेकर उन्होंने कहा कि संतों की सरकार से पुकार है कि इससे हिंदू समाज टूटेगा। हिंदू समाज हमेशा भाजपा का वोटर रहा है। इसलिए ऐसा कोई भी काम नहीं किया जाए। जिससे हिंदू समाज टूटे और बंटे। उन्होंने कहा कि यूजीसी काला कानून है। जो समाज को बांट देगा। इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाए। महामंडेलश्वर स्वामी आदियोगी पुरी महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा समानता से बनी है, विभाजन से नहीं। संविधान का अनुच्छेद 14 हर नागरिक को कानून के सामने समानता का अधिकार देता है। यदि कोई व्यवस्था समाज को जाति, वर्ग या पहचान के नाम पर बांटती है, तो वह केवल नीति का नहीं, बल्कि भारत की चेतना का भी उल्लंघन है। उन्हांेंने कहा कि यूजीसी से जुड़े हालिया निर्णय केवल शैक्षणिक प्रश्न नहीं बल्कि यह राष्ट्र के भविष्य और युवाओं की मानसिक संरचना से जुड़ा विषय है। अंग्रेज़ों ने फूट डालो और शासन करो की नीति अपनाई थी। वह औपनिवेशिक शोषण था, इसलिए गलत था। आज यदि वही विभाजन किसी और रूप में किया जा रहा है, तो प्रश्न उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि देश विकासवाद की राजनीति की ओर बढ़ रहा था। लेकिन आज फिर से बांटने की राजनीति हावी होती दिख रही है। जो नारे देते हैं सबका साथ, सबका विकास, और जो कहते हैं बंटोगे तो कटोगे, आज वही राजनीति देश के युवाओं को, यहां तक कि हिंदू समाज को भी भीतर से बाँटने की दिशा में धकेल रही है। उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर चिंता कैंपस राजनीति को लेकर है। आज स्कूल और कॉलेजों में बच्चों के मन में बचपन से ही जातिवाद का ज़हर घोला जा रहा है। ऐसी स्थिति बन रही है जहां छात्र एक-दूसरे से बात करने में डरते हैं, और शिक्षक बच्चों को समझाने से हिचकते हैं, क्योंकि एक झूठा आरोप पूरे करियर को नष्ट कर सकता है। महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज ने कहा कि केवल आरोप लगते ही किसी का भविष्य समाप्त हो जाना। यह न्याय नहीं, यह भय की व्यवस्था है और भय से कोई राष्ट्र महान नहीं बनता। उन्होंने कहा कि सरकार को विवाद का विषय बने यूजीसी बिल को तत्काल वापस लेना चाहिए। स्वामी नागेंद्र महाराज ने कहा कि बात केवल शंकराचार्य महाराज की नहीं है। बल्कि समस्त बटुक समाज की है। जिस प्रकार बटुकों पर अत्याचार हुआ है। वह निंदनीय है। सीएम योगी आदित्यनाथ को इस विवाद को तत्काल समाप्त कराना चाहिए। उन्होंने हिंदू धर्म स्थलों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का स्वागत किया। नागेंद्र ब्रह्मचारी वेदपुत्र महाराज, स्वामी विपनानंद महाराज ने भी समस्त संत समाज से आगे आकर शंकराचार्य विवाद को समाप्त कराने ओर सरकार से यूजीसी बिल को वापस लेने की मांग की।
