
दीपांशु की रिपोर्ट
पितृ विसर्जनी अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पिंडदान और तर्पण कर पूर्वजों को किया याद


धर्मनगरी हरिद्वार में पितृ विसर्जनी अमावस्या के अवसर पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नारायणी शिला मंदिर में श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मशांति और आशीर्वाद के लिए पूजा-पाठ, श्राद्ध कर्म और पिंडदान कर रहे हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पितृ विसर्जनी अमावस्या महालय पक्ष का अंतिम दिन है। यदि किसी कारणवश श्राद्ध पक्ष में पितरों का श्राद्ध नहीं हो पाया हो या कोई ज्ञात-अज्ञात पितर छूट गया हो, तो इस दिन उनके निमित्त श्राद्ध कर्म और क्षमा प्रार्थना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दीपदान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विधि-विधान से श्राद्ध कर्म करने पर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
वहीं, पितृ विसर्जनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और स्थानीय लोगों को परेशानी से बचाने के लिए आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन भी लागू किए गए हैं। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु सुगमता से धार्मिक अनुष्ठान कर सकें और शहर में यातायात व्यवस्था बनी रहे।
