• Fri. Apr 24th, 2026

Star uk news

अपना उत्तराखंड

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी श्री निरंजनी अखाड़े के पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंची

Bystaruknews

Oct 11, 2024

हरिद्वार श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी आज शुक्रवार को मोती बाजार स्थित श्री निरंजनी अखाड़े के पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंची
। आज प्रातः श्री आनंद भैरव मंदिर व पौराणिक तीर्थ माया देवी मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात अष्ट कौशल श्री महंत सुरेशानंद सरस्वती ने पवित्र छड़ी को नगर भ्रमण हेतु रवाना किया। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत प्रेम गिरि महाराज ,राष्ट्रीय निर्माण सचिव श्री महंत शैलजा माता ,सचिव श्री महंत महेश पुरी, श्री महंत शैलेंद्र गिरी ,श्री महंत पूर्णागिरि, श्री महंत पशुपति गिरी, थानापति महंत महाकाल गिरि, महंत ग्वालापुरी, श्री महंत श्रीमहंत शिव दत्त गिरी, महंत धीरेंद्र पुरी के नेतृत्व में नागा संन्यासी हर हर महादेव के उद्घोष के साथ पवित्र छड़ी को विष्णु घाट, रामघाट मोती, बाजार, बड़ा बाजार होते हुए पशुपति नाथ मंदिर पहुंचे ।जहां मनसा देवी ट्रस्ट ,निरंजनी अखाड़ा व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ने वरिष्ठ संतो के साथ पवित्र छड़ी का स्वागत किया ।पवित्र छड़ी को श्री पशुपतिनाथ मंदिर में पवित्र जल से अभिषेक कराकर भगवान शिव की स्तुति की तथा उत्तराखंड यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा ।श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा पवित्र छड़ी यात्रा हमारी सनातन परंपरा का प्रतीक है ।जिसे आदि जगतगुरु शंकराचार्य महाराज ने लगभग 2500 वर्ष पूर्व सनातन विरोधियों के उन्मूलन के लिए प्रारंभ किया था। उन्होंने पूरे भारतवर्ष में सनातन विरोधियों को समाप्त कर चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की थी। यह पवित्र छड़ी इस परंपरा का प्रतीक है और सतत सनातन धर्म के प्रचार में आज भी जारी है। श्री महंत प्रेम गिरि महाराज ने कहा बागेश्वर हरिद्वार से प्रारंभ होने वाली पवित्र छड़ी यात्रा को भविष्य में पूरे देश में ले जाया जाएगा ।कश्मीर से कन्याकुमारी तथा लेह से लद्दाख तक सनातन धर्म का प्रचार प्रसार इस पवित्र छड़ी के माध्यम से किया जाएगा ।उन्होंने कहा आगामी 14 अक्टूबर से यह पवित्र छड़ी उत्तराखंड की यात्रा के लिए रवाना होगी ।इस छड़ी यात्रा में जो भी नागरिक भाग लेना चाहे वह जूना अखाड़े में संपर्क कर सकता है।

स्वामी कपिलानंद सरस्वती बने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वरसंत समाज ने तिलक चादर प्रदान कर किया महामंडलेश्वर पद पर अभिषेकअखाड़े की उन्नति और धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में यांेगदान देंगे महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती-शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रमसंत परंपरांओं को आगे बढ़ाएंगे महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती-स्वामी कैलाशानंद गिरीअखाड़े का गौरव बढ़ाएंगे
विधि विधान के साथ गंगा में विसर्जित की गयी साध्वी तरूण ज्योति मां की अस्थियांत्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थी तरूण ज्योति मां-साध्वी शरण ज्योति
मुख्यमंत्री धामी तराशे हुए हीरा, प्रदेश का कर रहे समुचित विकास: भरत चौधरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Sory